

संपादक आनन्द शुक्ला।
झींझक कानपुर देहात।
मीना मंच पंजिका ,माड्यूल प्रगति के पंख तथा मीना मंच की बालिकाओं एवं पावर एंजल को सक्रिय करके सामाजिक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा सकती है। उक्त बात खण्ड शिक्षा अधिकारी झींझक शैलेश कुमार द्विवेदी ने प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित करते हुए कही।
मैं लड़की हूं मुझे पढ़ना है मुझको भी आगे बढ़ाना है के गीत के साथ मीना मंच के मास्टर ट्रेनर नवीन कुमार दीक्षित बीआरसी झींझक में बालिकाओं का विद्यालय में बच्चों के ठहराव ,बालिकाओं की जिज्ञासाओं का शमन, रचनात्मक लेखन, नेतृत्व क्षमता संवर्धन, सोशल मीडिया का प्रभाव ,शारीरिक क्षमता, यौन वस्तुकरण चैम्पियन बनना जेंडर स्टीरियो टाइप, शारीरिक तुलना,जन संचार का प्रभाव,स्कूल हर दिन आएं,आओ परिवेश बदलें,एक कदम स्वच्छता की ओर, चुप्पी तोड़ो, दर्पण की ओट में,आओ मिलकर करें प्रयास विषयों पर कहानी के माध्यम से मीना मंच के प्रशिक्षार्थियों को सम्बोधित करते हुए कही।
मास्टर ट्रेनर कुलदीप सैनी ने बाल विवाह , दहेज प्रथा, दहेज प्रथा कानून का दुरुपयोग, जेण्डर इक्विटी, सामाजिक भेदभाव जैसी सामाजिक कुरीतियों को दूर करने के लिए मीना मंच के बच्चों जागरूक करने के बारे में जानकारी दी।
गांव की बालिकाओं को ही अपने गांव का शत-प्रतिशत नामांकन, जिज्ञासाओं का निदान पर चर्चा के साथ शिक्षा से जोड़ना एवं सहयोग की भावना का विकास करना है इस अवसर किया। शीतू गुप्ता, सुनीता पाल, देवेन्द्र अग्निहोत्री, महेश चंद्र यादव, सुनील यादव, शशि राजपूत, खुशबू मौर्या दीपिका राजपूत आदि की उपस्थिति रही।