
संपादक आनन्द शुक्ला।

कानपुर देहात 20 नवंबर 2024
जिलाधिकारी आलोक सिंह के निर्देशन में अन्नदाता किसानों की समस्याओं के त्वरित निदान करने के साथ-साथ केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा विभिन्न विभागों द्वारा कृषक हित में संचालित योजनओं/कार्यक्रमों के सम्बन्ध में जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से शासन के निर्देशानुसार माह के तृतीय बुधवार दिनांक 20-11-2024 को किसान दिवस का आयोजन विकास भवन सभागार में मध्यान्हः 1200 बजे से किया गया।उप कृषि निदेशक, राम बचन राम द्वारा किसान दिवस में आये अधिकारियों, किसान संगठन के प्रतिनिधियों, प्रगतिशील किसानों का औपचारिक स्वागत करते हुए किसान दिवस की कार्यवाही प्रारम्भ करते हुए किसान दिवस की कार्यवाही प्रारम्भ की गयी। उप कृषि निदेशक द्वारा प्रधानमंत्री ऊर्जा उत्थान एवं महा अभियान (पी0एम0 कुसुम) योजना के सम्बन्ध में जानकारी प्रदान करते हुए अवगत कराया गया कि वर्तमान समय में सोलर पम्पों की आनलाइन बुकिंग प्रारम्भ है, इच्छुक किसान भाई अपने भू-गर्भ जल स्तर के आधार पर विभिन्न क्षमता यथा 02 एच0पी0, 03 एच0पी0, 05 एच0पी0, 7.5 एच0पी0 एवं 10 एच0पी0 क्षमता में से उपयुक्त क्षमता के सोलर पम्प की स्थापना करा सकते है। उनके द्वारा फसल अवशेष प्रबन्धन के सम्बन्ध में जागरूक करते हुए अवगत कराया गया कि फसल अवशेष, पराली जलाने से जहॉ एक ओर पर्यावरणीय क्षति, मृदा स्वास्थ्य एवं मित्र कीटों पर कुप्रभाव पडता है वही दूसरी ओर फसलों एवं ग्रामों में अग्निकाण्ड होने की भी सम्भावना होती है। फसल अवशेष जलाने से मिट्टी के तापमान में वृद्धि होने से मृदा की भौतिक, रासायनिक एवं जैविक दशा पर विपरीत प्रभाव पडता है, मिट्टी में उपस्थित सूक्ष्म जीव नष्ट होते है जिससे जीवांश के अच्छी प्रकार से सडने में भी कठिनाई होती है। पौधे जीवांश से ही पोषक तत्व लेते है तथा इससे फसलों के उत्पादन में मा0 सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा फसल अवशेष जलाये जाने पर पूर्णतः रोक लगाते हुए इस दण्डनीय अपराध की श्रेणी में रखा है तथा यदि किसी व्यक्ति द्वारा फसल अवशेषध्पराली जलाने की घटना घटित की जाती है तो मा0 राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण अधिनियम की धारा-24 एवं 26 के अन्तर्गत उसके विरूद्ध पर्यावरण क्षतिपूर्ति हेतु 02 एकड़ से कम क्षेत्र के लिए रु0 2500- प्रति घटना, 02 से 05 एकड़ के लिए रु0 5000- प्रति घटना और 05 एकड़ से अधिक क्षेत्र के लिए रु0 15000- प्रति घटना की दर से अर्थदण्ड वसूले जाने का प्राविधान है। उक्त के साथ-साथ उप कृषि निदेशक द्वारा किसानों को कृषि विभाग द्वारा अनुदान पर वितरित बीज व निशुल्क मिनीकिट, जैविक खेती, कृषि निवेशों की उपलब्धता के सम्बन्ध में जानकारी प्रदान की गयी।
जिला कृषि अधिकारी द्वारा जनपद में उर्वरकों की उपलब्धता के संबंध में जानकारी प्रदान करते हुए किसानों को संतुलित उर्वरकों के उपयोग करने की अपेक्षा कि गई। उनके द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है तथा जिला प्रशासन एव कृषि विभाग नियमित छापेमारी कर यह सुनिश्चित कर रहा है कि किसानों को उच्च गुणवत्ता के कृषि निवेश निर्धारित मूल्य पर उपलब्घ हो सके। पशु पालन विभाग के प्रतिनिधि द्वारा विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के संबंध में किसानों को विस्तृत जानकारी प्रदान कि गई। इसी प्रकार सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद की नेहरो में 1 दिसंबर से जल छोड़ जाएगा किसानों को सिंचाई हेतु कोई समस्या नहीं आने दी जाएगी।उद्यान निरीक्षक धनश्याम द्वारा उद्यान विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के सम्बन्ध में जानकारी प्रदान करते हुए अवगत कराया गया कि वर्तमान समय में आलू एवं प्याज का बीज अनुदान पर वितरण हेतु उपलब्ध है, इच्छुक किसान भाई उद्यान विभाग की अधिकर्त वेबसाइट पर पंजीकरण करा कर उक्त बीज प्राप्त कर सकते है। सहायक अभियंता लधु सिचंाई श्री एम0के0शुक्ला द्वारा लघु सिंचाई विभाग द्वारा संचालित उथली, मध्यम गहरी एवं गहरी बोंरिग योजना के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी किसानों को उपलब्ध करायी गयी। जिला कृषि रक्षा अधिकारी श्री राम नरेश द्वारा किसानों को संचारी रोग, चूहा-छछूंदर नियंत्रण कार्यक्रम में सम्बन्ध में जागरूक करने के साथ-साथ बीज शोधन व मृदा शोधन के सम्बन्ध मे जानकारी प्रदान की गयी। भूमि संरक्षण अधिकारी श्री देवेन्द्र कुमार वर्मा द्वारा भूमि संरक्षण हेतु विभाग द्वारा चलायी जा रही योजनाओं, कार्यक्रमों के सम्बन्ध में किसानों को अवगत कराया गया ।
कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ खलील खान द्वारा मृदा स्वास्थ, जैविक खेती एवं बीज उपचार आदि के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। उनके द्वारा किसाना को अवगत कराया गया कि पराली /फसल अवशेष जलाने पर जमीन में उपस्थित पोषक तत्व नष्ट होने के साथ किसानों के मित्र कीट जैसे केंचूआ, सॉप आदि नष्ट हो जाते है। उनके द्वारा िपराली को सढा कर जैविक कार्बन में बदल कर उर्वरक के रूप में प्रयोग करने की विधि का विस्तार से वर्णन किया गया।
किसान दिवस की अध्यक्षता कर रही मुख्य विकास अधिकारी महोदया द्वारा किसानो की समस्याओं को सुन कर उनका मौके पर ही निराकरण कराया गया। मुख्य विकास अधिकारी अवगत कराया गया कि शासन द्वारा किसानों की आय को दोगुनी करने हेतु अनकेा योजनाऐं एवं कार्यक्रम संचालित किया जा रहे है, वर्तमान में यह आवश्यक हो गया है कि किसान संगठित हो समूह गठित कर कृषि कार्यो को करे, जिससे उनको जहां उनकी लागत में कमी आयेगी, वहीं उनकी आय में आशा से अधिक वृद्धि होगी।
आयोजित किसान दिवस में कृषि विभाग, उद्यान, नलकूप,, मत्स्य विभाग, अग्रणी जिला प्रबन्धक के जनपद स्तरीय अधिकारियों के साथ साथ कृषि वैज्ञानिक, भारतीय किसान यूनियन (अराज0) के मण्डल अध्यक्ष रशीद अहमद आजाद व भारतीय किसान यूनियन (अराज0) के जिलाध्यक्ष आयुष सिंह राजावत एवं विपिन तिवारी, अध्यक्ष किसान यूनियन महात्मा टिकेत गुट कानपुर देहात के साथ-साथ जनपद के लगभग 55 किसानों द्वारा प्रतिभाग किया गया, अंत में जिला कृषि अधिकारी द्वारा अध्यक्ष महोदय की अनुमति से धन्यवाद ज्ञापित कर किसान दिवस के समापन की घोषणा की गयी।