Dynamic Ad Image

नहाय खाय के साथ छठ महापर्व आज से शुरू, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व

Dynamic Ad Image

संपादक आनन्द शुक्ला।

धनबाद : आज से छठ महापर्व की शुरुआत हो चुकी है. नहाय खाय छठ पूजा का आज पहला और सबसे महत्वपूर्ण दिन है. यह दिन पूरे उपवास और अनुष्ठानों की शुरुआत का प्रतीक है. इस दिन व्रती स्नान करते हैं और शुद्ध भोजन ग्रहण करते हैं. हर साल कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से छठ पर्व का शुभारंभ होता है और सप्तमी तिथि को उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर इस पर्व का समापन हो जाता है. यह पर्व सूर्य देव और छठी मैया को समर्पित होता है. छठ पूजा के व्रत रखने का खास महत्व माना जाता है. इस साल आज यानी 5 नवंबर से छठ पर्व की शुरुआत हो रही है. छठ पर्व का पहला दिन नहाय-खाय का होता है. इस दिन घर की अच्छी तरह से सफाई की जाती है ताकि घर का वातावरण शुद्ध और पवित्र हो. इस दिन छठ पूजा का व्रत रखने वाली महिलाएं सिर्फ सादा और सात्विक भोजन ग्रहण करती हैं. छठ पूजा के भी कुछ खास नियम होते हैं, जिनका पालन करना जरूरी होता है. आइए जानते हैं छठ पूजा के पूरे लाभ के लिए पहले दिन यानी नहाय-खाय के दिन कौन-कौन से नियमों का पालन करना चाहिए.
छठ पूजा पर नहाय-खाय के दिन करें इन जरूरी नियमों का पालन
छठ पूजा का पहला दिन, ‘नहाय-खाय’, इस पर्व की शुरुआत का प्रतीक है. इस दिन व्रत रखने वाली महिलाओं को कुछ विशेष नियमों का पालन करना होता है.
इस दिन व्रत रखने वाली महिलाओं को सुबह जल्दी उठकर पूरे घर की अच्छे से साफ सफाई करनी चाहिए. इसके बाद स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें. यदि संभव हो तो स्नान के बाद नए वस्त्र ही पहनें, वरना आप धुले हुए साफ वस्त्र भी पहन सकते हैं.
अब पूरे विधि-विधान से छठ पूजा का व्रत लेने का संकल्प लें और भगवान सूर्य को जल चढ़ाकर उनकी पूजा अर्चना करें.
छठ पूजा के दौरान खाने में शुद्धता का खास ख्याल रखा जाता है. इस दिन बनने वाले खाने में भूलकर भी लहसुन-प्याज आदि का प्रयोग न करें. इस दिन भोजन में चने की दाल, कद्दू की सब्जी, और चावल को प्रमुखता दी जाती है.
इस दिन भोजन बनाने के लिए नए या अच्छी तरह से साफ किए गए बर्तनों का ही उपयोग करते हैं, ताकि भोजन में पवित्रता बनी रहे.
नहाय-खाय के दिन भोजन पहले सूर्य देव को अर्पित करें, उसी के बाद आप भोजन कर सकते हैं.
नहाय खाय के दिन इस बात का भी खास ख्याल रखें कि इस दिन बनाया हुआ खाना सबसे पहले, छठ पूजा का व्रत रखने वाली महिलाएं ही खाएं. इसके बाद परिवार के अन्य सदस्य भोजन करें.
नहाय खाय के दिन जिन लोगों को छठ पूजा का व्रत नहीं रखना है उनको भी सात्विक भोजन ही करना चाहिए.
नहाय खाय 2024 पूजा का शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, इस वर्ष छठ महापर्व का पहला दिन, नहाय-खाय आज यानी 5 नवंबर 2024 को है. इस दिन सूर्योदय सुबह 6 बजकर 39 मिनट पर होगा और सूर्यास्त शाम 5 बजकर 41 मिनट पर होगा. इस दौरान व्रती पूजा अर्चना कर सकते हैं.
नहाय खाय पूजा विधि
छठ पूजा का पहला दिन नहाय खाय के नाम से जाना जाता है. नहाय खाय के दिन व्रती महिलाएं सुबह जल्दी उठकर घर की साफ सफाई करें और उसके बाद गंगा या किसी पवित्र नदी में स्नान करें. ऐसा करना बहुत अच्छा और शुभ माना जाता है. यदि आस-पास नदी न हो तो घर में ही पानी में थोड़ा गंगाजल मिलाकर स्नान कर सकते हैं. स्नान के बाद स्वच्छ या नए वस्त्र धारण करें और छठ पूजा के व्रत का संकल्प लें. इस दिन से ही छठ पूजा का व्रत शुरू माना जाता है. यह व्रत संतान और परिवार की खुशहाली के लिए समर्पित होता है. अब सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करें और पूजा अर्चना करें. इसके बाद चना दाल, कद्दू की सब्जी और चावल का सात्विक भोजन ग्रहण करें.
नहाय खाय का महत्व क्यों है?
मान्यता के अनुसार, नहाय खाय के दिन स्नान करने और शुद्ध भोजन करने से शरीर और मन दोनों शुद्ध होते हैं. यह छठ पूजा की शुरुआत का सबसे महत्वपूर्ण दिन होता है. नहाय खाय नए जीवन की शुरुआत का प्रतीक है. यह दिन पुराने पापों से मुक्ति और नए जीवन की शुरुआत का संकल्प लेने का दिन माना जाता है. इस दिन सुबह जल्दी उठकर गंगा या किसी अन्य पवित्र नदी में स्नान किया जाता है. स्नान के बाद सूर्य देव की पूजा की जाती है और व्रत का संकल्प लिया जाता है. इस दिन केवल सात्विक भोजन किया जाता है. इस दिन किए गए दान का भी बहुत अधिक महत्व है.

Dynamic Ad Image
  • Related Posts

    केक काट कर संविलियन विद्यालय बरूआघाट ब्लॉक फतेहपुर चौरासी उन्नाव में मनाया बाल दिवस

    संपादक आनन्द शुक्ला। उन्नाव ।जैसा कि आप सभी जानते है कि पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू का जन्मदिन बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है।बाल दिवस के अवसर…

    7 नवंबर को प्रदेश मैं मनाया जाएगा गौ रक्षा संकल्प दिवस-कलीम भारतीय

    संपादक आनन्द शुक्ला।(9997891761, 8009149951) लखनऊ – अखिल भारतीय गौ रक्षा महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष कलीम भारतीय ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा है गौ रक्षा संकल्प दिवस 7…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    Dynamic Ad Image
    बागपत के विपुल जैन हुए डीपीआईएएफ 2025 इंटरनेशनल अवार्ड से सम्मानित।बच्चों के भविष्य के साथ हो रहा खिलवाड, निजी स्कूलों मे बिना प्रशिक्षण प्राप्त किये पड़ा रहे लड़के/लड़कियां- ठाकुर कवीन्द्र प्रताप सिंह।नीले बैलून से बूंद बचाओ का संदेश दे तीन अन्तर्राष्ट्रीय पदक विजेता शान्या ने की पानी पंचायत में।रेणुका सचान बनीं भाजपा कानपुर देहात की जिलाध्यक्ष।आँगनबाड़ी केन्द्र पर गोदभराई कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।ग्राम पंचायत सचिवों की उपस्थिति दर्ज कराए जाने हेतु किया गया ऑनलाइन ऐप का शुभारंभ, अब से सचिवों की उपस्थित ऑनलाइन ही की जाएगी स्वीकारकविता जीवन के यथार्थ से परिचय कराती है : शिव मोहनविश्व महिला दिवस की पूर्व संध्या पर सिठमरा की मीना मंच के बच्चों ने की साइबर संगोष्ठीसरला द्विवेदी महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना सुभाष इकाई द्वारा आपदा प्रबंधन कार्यशाला एवं जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया गयासरकारी काम संग समाज सेवा शैलेश दीक्षित का मिशन।बिना नंबर प्लेट के चल रहे डंफर आये दिन सड़को पर कर रहे एक्सीडेंटजिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट के विभिन्न कार्यालयों का किया निरीक्षण, दिए निर्देशदो दिवसीय मीना मंच प्रशिक्षण का हुआ समापन ,बीईओ ने बांटे प्रमाण पत्रमहाकुंभ के दौरन भीड़ को देखकर 17 नियमित ट्रेनों को किया गया निरस्तबहुप्रतीक्षित उपरिगामी रूरा रेल सेतु निर्माण कार्य 31 जनवरी 2025 को हुआ पूर्ण।जन्म देते ही बेरहम हुई मां ने नवजात को खेत में फेंका, मौत ,पुलिस ने महिला को किया गिरफ्तार।बीएससी के छात्र की चाकू से हमला कर निर्मम हत्या कर शव खेतों मे फेंककर फरारबाबू सिंह कुशवाहा भाईचारा बनाओ यात्रा लेकर पहुंचे बाँदाजगह जगह हुआ स्वागत।ग्राम समाज की जमीन पर दबंग का कब्जा।सिठमरा न्याय पंचायत के सभी जूनियर विद्यालयों में बनेगा मीना मंच कार्नर - नवीन दीक्षित