
संपादक आनन्द शुक्ला।

पत्ता ,छाल, डाल,पेड़ काटना है दण्डनीय अपराध – नवीन दीक्षित पर्यावरण मित्र।
राष्ट्रीय सम्मेलन में आए लोगों ने पौधों को जीवित प्राणी मानने की उठाई मांग
कानपुर देहात।पौधे काटने, छाल,डाल व पत्ता तोड़ने पर दण्ड का प्राविधान है तो पौधों जीवित प्राणी का दर्जा मिलना ही चाहिए उक्त बात कटनी मध्य प्रदेश की मुस्कान ड्रीम फाउंडेशन की अध्यक्ष एडवोकेट मंजूषा गौतम ने पौधों को जीवित प्राणी का दर्जा देने की मांग उठाते हुए दरभंगा बिहार में कही।

नेशनल यूथ आवार्डी राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त दीदी जी फाउंडेशन की अध्यक्ष नम्रता आनंद जी ने कहा कि पौधों को जीवित वृक्ष का दर्जा मिलने से हरियाली और खाद्य पदार्थ, दवाइयां, आक्सीजन, शीतलता,की उपलब्धता बढ़ेगी।
कानपुर देहात उप्र से पर्यावरण मित्र नवीन कुमार दीक्षित ने कहा कि रेलवे और सरकारी संस्थाओं की खाली पड़ी जमीनों पर भू क्षरण, गर्मी,धूल से बचाव के लिए फलदार पौधारोपण पकिए जाने की मांग की।भुसावल महाराष्ट्र से सागर विस्पुटे ने कहा कि जीवित वृक्ष का दर्जा मिलने से लोग पौधे नहीं काटेंगे पक्षियों को आवास और वास्तुकला निखरने के साथ जल वायु परिवर्तन में सहायता मिलेगी।इस अवसर पर शंकरगढ़ राजस्थान से डाक्टर सत्येन्द्र सिंघाटिया, फरीदाबाद हरियाणा से दिनेश बक्सी , मुम्बई से सुरेश रेवनकर,अभय तेलतुंबडे , नन्द किशोर आदि उपस्थित थे