
संपादक आनन्द शुक्ला।
खरीद केन्द्रों पर किसानों के साथ मधुर व्यवहार किया जाय : जिलाधिकारी
किसानों का समय से धान की तौल करायी जाये।
सभी केन्द्र प्रभारी गॉव-गॉव भ्रमण कर, कृषकों से सम्पर्क कर करायें खरीद।
कानपुर देहात 5 नवम्बर 2024

जिलाधिकारी आलोक सिंह की अध्यक्षता में मूल्य समर्थन योजनान्तर्गत धान खरीद कार्य में नियुक्त समस्त कार्मिकों के प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन मॉ मुक्तेश्वरी देवी सभागार कलेक्ट्रेट में किया गया। कार्यशाला में धान खरीद में योजित कार्मिकों को विस्तृत रूप से प्रशिक्षित करने के साथ-साथ धान खरीद से सम्बन्धित बिन्दुओं पर सारगर्भित चर्चा की गयी। कार्यशाला में जिला खरीद अधिकारी/अपर जिलाधिकारी(प्रशासन), सहा0 आयुक्त एवं सहा0 निबन्धक सहकारिता, जिला कृषि अधिकारी, सभी धान क्रय एजेन्सी के जिला प्रभारी उपस्थित रहे। जिला खाद्य विपणन अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 हेतु धान कामन का समर्थन मूल्य रू0 2300/-प्रति कुन्तल व धान ग्रेड-ए का समर्थन मूल्य रू0 2320/- प्रति कुन्तल निर्धारित है। जनपद के लिए धान खरीद का लक्ष्य 52000 मी0टन आवन्टित किया गया है। जनपद में 40 धान क्रय केन्द्र खोले जाने का लक्ष्य निर्धारित है। निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष धान खरीद हेतु विभिन्न क्रय एजेन्सियां के 40 धान क्रय केन्द्र यथा-खाद्य विभाग के 19, पी0सी0एफ0 के 10, यू0पी0एस0एस0 के 02, पी0सी0यू0 के 07 व भा0खा0नि0 के 02 क्रय केन्द्र अनुमोदित हैं। मण्डी सचिव, मण्डी परिसर में संचालित किये जाने वाले केन्द्रों हेतु आवश्यक व्यवस्था यथा-टीनशेड, किसानों को बैठने, पानी/छाया आदि की व्यवस्था करायें, साथ ही मण्डी के प्रवेश द्वार पर कृषकों द्वारा लाये गये धान को मण्डी परिसर में स्थित क्रय केन्द्रों पर क्रमवार टोकन व्यवस्था से खरीद कराने के लिये भी निर्देशित किया गया। उन्होंने बताया कि धान क्रय हेतु कृषकों द्वारा पंजीयन कराने के लिये खाद्य विभाग के पोर्टल www.fcs.up.gov.in पर ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध है। कृषकों को आधार से लिंक मोबाइल नम्बर पर ही पंजीयन कराना अनिवार्य है। आधार से लिंक बैक खाते में पी0एफ0एम0एस0 के माध्यम से ही भुगतान की सुविधा दी गयी है। कृषक द्वारा बेचे जाने वाली धान की शत्-प्रतिशत मात्रा का संगत भूलेख के आधार पर सम्बन्धित उपजिलाधिकारी/तहसीलदार द्वारा ऑनलाइन सत्यापन, डिजिटल हस्ताक्षर से किया जायेगा। किसान के धान के बोये गये रकबे का सत्यापन अधिकतम 24 घण्टे में हो जाये व किसान को तहसील में न आना पडे़। मण्डी सचिवों द्वारा क्रय केन्द्रों हेतु उपलब्ध कराये गये इलेक्ट्रानिक कॉटों की रिपेयरिंग हेतु कैम्प लगाये जाये। सभी क्रय केन्द्रों की जियो टैगिंग करायी जायेगी। क्रय नीति में प्रावधानित है कि हाइब्रिड धान बेचने वाले किसानों को इस वर्ष अपने घोषणा पत्र के साथ हाइब्रिड बीज क्रय का क्रय प्रमाण पत्र भी अनिवार्यरूप से केन्द्र पर लेकर आना होगा। क्रय एजेन्सी जिला प्रभारियों को धान क्रय केन्द्रों हेतु स्टॉफ, अभिलेख, बोरे, उपकरण व धनराशि की उपलब्धता बनाये रखने हेतु निर्देशित किया गया। नयी व्यवस्था के अन्तर्गत 50 कु0 के कम के पंजीयन पर किसानों को सत्यापन से मुक्त कर दिया गया है। जिलाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि शासन, किसानों की आय में वृद्धि करने हेतु संवेदनशील है एवं कृषकों को समर्थन मूल्य का लाभ दिलाने के लिये भी सतत् प्रयत्नशील है। खरीद केन्द्रों पर किसानों के साथ मधुर व्यवहार किया जाये। किसानों का समय से धान की तौल करायी जाये एवं मानक के नाम पर अनावश्यक किसानों के धान का रिजेक्शन न किया जाये तथा धान के मूल्य का भुगतान समय से उनके बैंक खाते में प्रेषित कराया जाये तथा क्रय केन्द्रों पर किसानों को अपनी उपज बिक्री करने में कोई कठिनाई न होने पाये। जिलाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि सभी केन्द्र प्रभारी गॉव-गॉव भ्रमण करें, सहकारिता विभाग के केन्द्र प्रभारी अपनी समितियों से खाद लेने वाले कृषकों से सम्पर्क करें एवं उनसे अनिवार्यतः खरीद करें। धान खरीद वर्ष 2024-25 में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाये एवं आवश्यक तैयारी पूर्ण रखी जाये। किसी भी अनियमिता के लिये दोषी पाये जाने पर सम्बन्धित केन्द्र प्रभारी के विरूद्ध कार्यवाही अमल में लायी जाये, जिससे कि धान खरीद को पारदर्शी एवं सुचारू रूप से सम्पादित करायी जा सके।